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कà¥à¤¯à¤¾ होता है Lung Cancer, कà¥à¤¯à¤¾ रहती है इसके ठीक होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
शिशॠमें शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संकट सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (आरडीà¤à¤¸) होता है, जिसमें फेफड़ों की खराबी के कारण शिशॠको सांस लेने में दिकà¥à¤•त होने लगती है.
कà¥à¤¯à¤¾ होता है लंग कैंसर
अमेरिका की सीडीसी के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सरलतम रूप में हम कैंसर हमारे शरीर में कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ का अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कहते हैं. जब यह कैंसर फेफड़ों में होता है तो उसे फेफड़ों का कैंसर या लंग कैंसर कहते हैं.
कोशिकाओं का फैलना
कैंसर की अगली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में यह नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¤• अंग से दूसरे अंग में चला जाता है. यह फेफड़ों से लिमà¥à¤« नोड या दिमाग जैसे दूसरे अंगों तक में फैल सकता है. वहीं दूसरे अंगों से फेफड़ों में à¤à¥€ आ सकता है. इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को मेटासà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ कहते हैं. आमतौर पर डॉकटरà¥à¤¸ कैंसर की तीन सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ या सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की बात करते हैं.
कà¥à¤¯à¤¾ होती है पहली सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ
पहली सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में कैंसर के अवांछनीय कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ केवल à¤à¤• अंग तक ही सीमित होता है. लेकिन इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥€ से कोशिकाà¤à¤‚ तेजी से बढ़ती हैं. बताया जाता है कि इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में मरीज का इलाज आसान होता है और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंग का कैंसर कोशिकाओं से पीड़ित वाला हिसà¥à¤¸à¤¾ निकाल कर इलाज संà¤à¤µ है जिसके बाद मरीज के पूरी तरह से ठीक होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है.
दूसरी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में होता यह
दूसरी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ या अवसà¥à¤¥à¤¾ में मरीज मेटासà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाता है यानी कैंसर की कोशिकाà¤à¤‚ दूसरे अंगों में फैलने लगती हैं. à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में कीमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी के साथ ऑपरेशन जरूरी हो जाता है.
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आवास नषà¥à¤Ÿ किà¤, इसलिठमहामारी वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ आठइंसान के नजदीक-शोध
à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ खड़ी करती है मà¥à¤¶à¥à¤•िलें
à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ या अंतिम अवसà¥à¤¥à¤¾ में कैंसर कोशिकाà¤à¤‚ शरीर के और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में फैलने लगता है और à¤à¤¸à¥‡ में मरीज का इलाज मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है. इसमें उसके बचने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होने लगती है. लेकिन इसका इलाज काफी लंबा चल सकता है.
तीसरे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ का लंग कैंसर है संजय दतà¥à¤¤ को
बताया जा रहा है कि संजय दतà¥à¤¤ को तीसरी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ का लंग कैंसर है. यह सà¤à¥€ को काफी हैरान कर रहा है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कई बार इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तक आने से पहले ही कैंसर का पता चल जाता है, खास तौर पर संजय दतà¥à¤¤ जैसे लोगों के मामले में जो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं के नजदीक हों. लेकिन कई डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ का कहना है कि आमतौर पर कैंसर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का काफी बाद में ही पता चलता है.
Smoking
लंग कैंसर का सबसे अधिक खतरा धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वालों को होता है. (पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•ातà¥à¤®à¤• तसà¥à¤µà¥€à¤°)
कैसे पता लगाया जाता है कि यह बीमारी है
इस बीमरी के निदान यानी डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के बारे में तीन चीजें अहम हैं. टà¥à¤¯à¥‚मर, नोड और मेटासà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸. इसमें टà¥à¤¯à¥‚मर कितना बड़ा है और कहां है, यह लिमà¥à¤« नोड के कितने पास है या वहां तक पहà¥à¤‚चा है या नहीं, और यह दूसरे अंगों में फैलना शà¥à¤°à¥‚ हो चà¥à¤•ा है या नहीं, ये बातें उसकी अवसà¥à¤¥à¤¾ और गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के बारे में तय करने में मददगार होती हैं. à¤à¤•à¥à¤¸ रे में संदेह होने पर ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° लंग कैंसर के लिठआगे पड़ताल के लिठजाते हैं. अगर मरीज आदतन सिगरेट पीने वाला हो तो वे इस बात को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेते हैं. इसके बाद टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ जिसे सीटी कहते हैं, पीईटी, à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ और बोन सà¥à¤•ैन जैसे कोई टेसà¥à¤Ÿ करवाया जा सकता है. कई बार डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ खराब हिसà¥à¤¸à¥‡ को निकाल कर बायोपà¥à¤¸à¥€ की जांच के लिठà¤à¥€ लैब में à¤à¤¿à¤œà¤µà¤¾ देते हैं.
सà¥à¤µà¥€à¤¡à¤¿à¤¶ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• ने कहा, बिना मासà¥à¤• और लॉकडाउन के à¤à¥€ हार सकता है कोरोना
कà¥à¤¯à¤¾ है इसका इलाज
इस बीमारी का इलाज बीमारी की अवसà¥à¤¥à¤¾ या सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ पर à¤à¥€ काफी कà¥à¤› निरà¥à¤à¤° करता है. शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में केवल ऑपरेशन ही काफी होता है, लेकिन कई बार मामले की जटिलता के कारण कीमोथैरेपी दूसरे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ से ही शà¥à¤°à¥‚ कर दी जाती है. तीसरे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में रेडियोथैरेपी का à¤à¥€ सहयोग लिया जाता है. इसके बाद की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¤à¥€ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ के साथ इनà¥à¤¯à¥‚नोथैरेपी à¤à¥€ शामिल हो जाती है. यहां तक आते आते मरीज की हालत काफी बिगड़ चà¥à¤•ी होती है.
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